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Saturday, June 6, 2020

सिंधिया ने राज्यसभा नामांकन में छुपाई है जानकारी? कांग्रेस 'खेल' करने की तैयारी में जुटी

ग्वालियर। राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। एमपी में राज्यसभा की 3सीटों के लिए 19 जून को वोटिंग हैं। ऐसे में बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों की उम्मीदवारी में कांग्रेस पेंच फंसाने की जुगत में जुट गई है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नामांकन के दौरान कुछ जानकारी छुपाई है। नामांकन के दौरान ही इसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी लेकिन विधानसभा सचिवालय ने इसे खारिज कर दिया था।
बीजेपी के दोनों उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है। कानूनी दांव-पेंच के जरिए दोनों को कांग्रेस उलझन में डालने की तैयारी में हैं। कांग्रेस दोनों के हलफनामे को अब कोर्ट में चुनौती देगी। इसे लेकर कांग्रेस हाईकोर्ट में इलेक्शन पिटीशन दायर करेगी।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा है कि हम लोगों ने पहले भी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उनको मान्य नहीं किया गया। अब कांग्रेस के पास कोर्ट जाने का ही रास्ता बचा है।
इस आधार पर फंसाएगी पेंच
विवेक तन्खा ने कहा ने कहा कि बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म में कई खामियां हैं। सिंधिया ने शपथ पत्र में यह बात छिपाई है कि उन पर भोपाल में केस दर्ज है। कांग्रेस ने इस बात की आपत्ति नामांकन फॉर्म जमा करने के बाद दर्ज कराई थी। जिस पर तर्क दिया था कि ज्योतिरायदित्य सिंधिया को इस बात की जानकारी नहीं है। जबकि केस दर्ज होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का मीडिया के सामने बयान आया था।
वहीं, कांग्रेस सांसद तन्खा ने कहा कि सुमेर सिंह सोलंकी ने जब फॉर्म भरा था। तब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था, वो सरकारी मुलाजिम थे। चुनाव के बाद कोर्ट में ये मुद्दे उठाएंगे।
ये है मामला
दरअसल, यह मामला व्यापमं कांड से जुड़ा है। सितंबर 2017 में भोपाल की विशेष अदालत के न्यायधीश सुरेश सिंह के आदेश पर श्यामला हिल्स पुलिस ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और आईटी विशेषज्ञ प्रशांत पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनके खिलाफ कूटरचित दस्तावेज पेश करने, धोखाधड़ी में शामिल होने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था। इस परिवाद में कहा गया था कि कांग्रेस के इन नेताओं की ओर से व्यापामं घोटालों में फर्जी दस्तावेज पेश किए गए हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस अब वोटिंग के इंतजार में बैठी है। निर्वाचन संपन्न होने के बाद कांग्रेस कोर्ट जाएगी। इन साक्ष्यों के आधार पर कांग्रेस कोर्ट से सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी की सदस्यता खत्म करने की गुजारिश करेगी।