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Saturday, May 2, 2020

Exclusive Interview: अपनी रणनीति पर बोले भाजपा नेता- जब रण आएगा तब नीति दिखाएंगे

भोपाल। प्रदेश सरकार कोरोना महामारी से अच्छे से निपट रही है। पिछले कुछ दिनों में जांच की संख्या भी बढ़ी है। यह कहना है पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार होना है। ऐसे में प्रदेश की सियासी तस्वीर कैसी होगी इस संबंध में उन्होंने कोरना और सियासत से जुड़े सवालों के जवाब बेबाकी से दिए।
पेश है पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से खास बातचीत...।

प्रश्नः सुना है कि आजकल आप नाराज हैं?
उत्तर: कतई नाराज नहीं। पहले भी कभी नहीं हुआ, अभी भी नहीं हूं। मेरे नाराज नहीं होने का सबसे बड़ा कारण है कि मैं आत्मसंतुष्टि में रहता हूं। स्वार्थ प्राप्त करने का भाव यह भाव कभी जीवन में रहा नहीं। कारण कि जब मैं भाजपा में आया, भाजपा टूटी थी, इंदिराजी की हत्या हो गई थी। भाजपा में सिर्फ दो सीटें जीती थी। ऐसे वक्त में मैं विधानसभा का चुनाव लड़ा और सफल हुआ। मैं कोई हरियाली के लालच में पार्टी में नहीं आया। मैं लगातार जीतता रहा। इसलिए किसी से नाराज नहीं, पार्टी के साथ हूं।

प्रश्नः सिंधिया खेमे के नेता को मंत्री पद मिला, क्या आप संतुष्ट हैं?
उत्तरः निर्णय हुआ है, किस कारण से हुआ मैं इसमें नहीं जाना चाहता। जो निर्णय हुआ वो स्वीकार्य है। मैं अतिसंतुष्ट हूं।

प्रश्नः क्या आपके लिए कोई नई भूमिका तय है?
उत्तरः मेरी भूमिका क्या होगी वो पार्टी तय करेगी। जो भी मुझे काम देना चाहेगी वो ठीक रहेगा। हालांकि प्रतिपक्ष में लंबा वक्त हो गया है।

प्रश्नः चर्चा यह भी है कि आपके बीमार होने का हवाला देते हुए मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भ्रम की स्थिति दिल्ली में बनी थीं?
उत्तरः मुझे भी ऐसी खबर मिली थी। नेतृत्व इतना कमजोर नहीं होता। अस्वस्थ हूं या नहीं वो कभी भी जानकारी ले सकते थे।

प्रश्नः तेजी से बढ़ते संकट के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं?
उत्तरः पिछले सरकार ने जो ठीक समय पर जो तैयारियां होना चाहिए थी, वो नहीं की। मास्क, सेनेटाइजेशन की कमी रही। यह सब हुआ, जिसके बाद रही कसर जमातियों ने पूरी कर दी।

प्रश्नः कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार को गिराने के चक्कर में केंद्र ने कोरोना महामारी पर ध्यान नहीं दिया?
उत्तरः नहीं ऐसा कुछ नहीं है। इसमें केंद्र और राज्य का कुछ नहीं है। केंद्र तो प्रतिदिन राहत जारी कर रहा है। भारत सरकार रोजाना व्यवस्थाओं में परिवर्तन भी कर रही है। कुछ राज्य ऐसे हैं जो अपनी मर्जी से भी काम करते हैं। भारत सरकार देशहित में काम कर रही है।

प्रश्नः वर्तमान सरकार कोरोना से ठीक से निपट रही है, क्या आकलन है?
उत्तरः मेरी मुख्यमंत्रीजी से चर्चा हुई। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी तो है, लेकिन ठीक होने की दर भी अच्छी है। मध्यप्रदेश में टेस्टिंग की क्षमता बढ़ी है। मध्यप्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो है, लेकिन सरकार कोरोना से अच्छे से निपट रही है। उसे नियंत्रित करने में सफल रही है।
प्रश्नः इतने बड़े प्रदेश में केवल पांच मंत्रियों के साथ कैसे काम हो सकता है, क्या और मंत्री बनाए जाने थे?
उत्तरः इस विषय में नहीं जाना चाहता। अब मुख्यमंत्री छोटी कैबिनेट रखना चाहते होंगे, मैं इसमें कुछ सलाह नहीं दे सकता।

प्रश्नः क्षेत्र की जनता आपको किस पद पर देखना चाहेगी आप मंत्री बनेंगे या कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी?
उत्तरः 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन में मेरा एक परिवार हो गया है। 15 वर्षों तक लगातार मंत्री रहा। कभी क्षेत्र में मंत्री नहीं कहा। कभी सरकारी गाड़ी का उपयोग नहीं करता था। लाल बत्ती नहीं, कोई फालोगार्ड भी नहीं लेता था। जब परिवार एक रहता है तो इच्छाएं, पद लोलुपता कुछ नहीं रहता। जनता कहती है कि आप तो हमारा काम करते रहना।

प्रश्नः कांग्रेस के इतने नेताओं को भाजपा में ले आए, अब उन्हें एडजेस्ट करेंगे तो भाजपा का कार्यकर्ता नाराज नहीं होगा?
उत्तरः यह नेतृत्व का काम है, उन्हें समायोजित करने का काम करेंगे। 15 वर्षों तक तो हमारी सरकार रही है, अब यह नया दौर है, देखेंगे इसमें क्या होता है।

प्रश्नः सबके मन में यह सवाल है कि अब गोपालजी की रणनीति क्या होगी, क्या समय आ गया है?
उत्तरः रण जब आएगा तब नीति दिखाएंगे। ऐसा कोई समय नहीं आया है और रण तो भारतीय जनता पार्टी की ही है, सामने कोई नहीं है। भाजपा का किसी से कोई मुकाबला नहीं हैं।

प्रश्नः मंत्रिमंडल विस्तार के वक्त खबरें थी कि एक-दो दिन में गोपीलजी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, क्या यह अफवाह थी?
उत्तरः ऐसा नहीं, पार्टी नेतृत्व में मुझे पूरा विश्वास है। कुछ चीजें ऐसी होती है, जो पार्टी नेतृत्व के लिए करना पड़ती हैं।

प्रश्नः तो यह मानकर चलें कि अगले मंत्रिमंडल में आपके क्षेत्र की जनता की उम्मीदें पूरी होंगी?
उत्तरः हमारे क्षेत्र की जनता ईश्वरवादी है। यह मानके चलता हूं कि जहां ईश्वर है। मैं पिछले चुनाव में प्रचार के लिए नहीं गया, जनता ने खुद प्रचार किया।

प्रश्नः विधानसभा अध्यक्ष बनकर क्या आप संतुष्ट होंगे?
उत्तरः जब ऐसा विषय आएगा, उस समय चर्चा करेंगे। अभी कुछ भी कहना प्रिमेच्युअर होगा।

प्रश्नः बुंदेलखंड के पूर्व मंत्रियों की वजह से यह हालात बनें?
उत्तरः यह पार्टी का आंतरिक विषय है, जो पार्टी ने तय कर लिया तो हमने सिर माथे पर ले लिया।