लॉक डाउन की आड़ में खनन माफिया एवं भ्रष्ट वन कर्मियों की मिलीभगत से खूब कट रही चांदी अवैध उत्खनन जोरों पर - TIMESNEWS

Breaking

TIMESNEWS

सच्चाई की कलम से

Sunday, May 3, 2020

लॉक डाउन की आड़ में खनन माफिया एवं भ्रष्ट वन कर्मियों की मिलीभगत से खूब कट रही चांदी अवैध उत्खनन जोरों पर

रिपोर्ट- आबिद बख्श (खोड़ शिवपुरी)
करैरा (शिवपुरी)। वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खोड़ वन चौकी इन दिनों खनन माफियाओं के इशारों पर चल रही है। विगत माह से भारत में लॉक डाउन स्थिति बनी  है। जिसके चलते यहां के स्थानीय कर्मचारियों के सहयोग से रेत माफिया एवं खनन माफिया पुरजोर अवैध खदानें संचालित कर रहा हैं। कोरोना जैसी महामारी के चलते जहां देश जी जान से लड़ रहा है। वहीं वन विभाग के कर्मचारी खनन माफियाओं के साथ मिलकर चांदी काट रहे हैं। विगत एक माह से संचालित हो रही खदानों के संबंध में अनेकों बार वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। परंतु उनके द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
और कोरोना का बहाना लेकर वह अपने ऑफिसों में बैठे हुए हैं। हालात यह हो चुके हैं की खोड़ वन परिक्षेत्र के कैनवाया, वपावली, दरगवा, चंदावनी, क्षेत्र में अवैध उत्खनन चल रहा है। जिसमें से 1 कुसमरिया 2 लच्छीताल 3 छपरऊ 4 पट्ठा झोरा 5 गुदरऊ 6 बडमऊ जैसी खदान  संचालित हो रही है। जिन्हें पूरा का पूरा संरक्षण वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों द्वारा दिया जा रहा है। हालात यह हैं कि श्याम होते ही हर दिन पत्थर से भरे हुए ट्रैक्टर तीन से चार ट्रैक्टर डगाईया जैसी घाटियों से उतरना प्रारंभ हो जाते हैं। और यह गोरखधंधा हर रोज 24 घंटे चलता रहता है।  अवैध खनन माफिया को कर्मचारियों का मिले सहयोग के चलते हौसलों को देखकर तो ऐसा प्रतीत होता है। कि शासन ने  जंगल में  लीज दे रखी हो।  जिसके फलस्वरुप  यह लोग  दिनदहाड़े  वन क्षेत्र में  अवैध खदानों से पत्थर  निकालते रहते हैं।  हालात यहीं नहीं रुकते अभी हाल ही में वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते सैकड़ों खैर के पेड़ों की कटाई भी इस क्षेत्र में हो चुकी है।  जिसमें औपचारिक कार्रवाई करते हुए एक डिप्टी रेंजर एवं बीट गार्ड  को भी सस्पेंड करना पड़ा था। और अवैध खनन माफियाओं पर और इन कर्मचारियों पर अभी विराम नहीं लगाया गया तो फिर इन माफियाओं से झगड़े जैसे हालात बनेंगे और कहीं ना कहीं वन विभाग प्रशासन को मुंह की खाना पड़ेगी।

रेत माफिया भी है सक्रिय:-
करेरा वन परिक्षेत्र  के अंतर्गत उदयपुरा प्लांटेशन में प्लांटेशन के अंदर से बजरी का अवैध उत्खनन चल रहा है। जिसके चलते दिनदहाड़े कई ट्रैक्टर प्लांटेशन में कोपरे की खुदाई कर पेड़ों को नष्ट कर रहे हैं। जो काफी तादाद में हो रहा है। जिसके चलते  कई 100 मीटर  चौड़े व लंबे  दर्जनों गड्ढे किए जा चुके हैं। विडंबना यह है कि इस अवैध रेत उत्खनन से मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर ही वन विभाग की चौकी बनी हुई है। इतने नजदीक चौकी बने होने के बाद भी यह काले कारोबार किस तरह से चल रहे हैं।यह एक विचार करने योग्य सवाल है।
इनका कहना है:-
आपके द्वारा जो भी खनन माफिया और रेत के संबंध में जानकारी दी गई है मैं उसे समय के अभाव के चलते नहीं देखा  सका हूं फिर भी में जल्द से जल्द इसकी जांच कर कार्यवाही करता हूँ।
-मनोज सिंह उप वन मंडल अधिकारी करेरा-