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Friday, May 8, 2020

ई-पास काण्ड में तीन लिपिकों के खिलाफ निलंबन और पुलिस कार्यवाही, डिप्टी कलेक्टर को एसडीएम की कुर्सी का तोहफा

-शाखा से गायब बताई जा रही है देवबंद ई-पास की फ़ाइल-
शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमित जोन देवबंद सहारनपुर के लिए ग्रीन जोन शिवपुरी से लॉक डाउन के दौरान चार लोगों को बिना किसी युक्तियुक्त कारण के ई-पास जारी करने को लेकर जबरदस्त विवाद के घेरे में आने वाले डिप्टी कलेक्टर अंकुर गुप्ता को कलेक्टर ने करेरा का प्रभारी एसडीएम बना दिया है।
अंकुर गुप्ता की यह नियुक्ति गत दिनों करेरा के एसडीएम मनोज गरवाल के एक सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो जाने के मद्देनजर की गई है। यहां बता दें कि गत 2 मई को शिवपुरी कलेक्टर कार्यालय से एक विवादित ई पास जारी किया गया था। इस पास के जरिए देवबंद सहारनपुर उत्तर प्रदेश जो कि कोरोना संक्रमण के चलते हॉटस्पॉट जोन में है, वहां से 2 छात्रों को लाने के लिए 4 लोगों का ई-पास जारी किया गया। इस पास के माध्यम से देवबंद उत्तर प्रदेश से शिवपुरी आए चार में से एक युवक को कोविड.19 पॉजिटिव पाया गया और इसके बाद ई पास जारी करने को लेकर चौतरफ ा सवालों के घेरे में कलेक्टर कार्यालय की वह शाखा आ गई जो ई-पास जारी करने के लिए अधिकृत थी। इस शाखा के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अंकुर गुप्ता हैं। इस मामले में आला अधिकारियों तक आंच आती देख कलेक्टर ने तुरत फु रत तीन संविदा सहायक ग्रेड -3 लिपिकों को निलंबित कर उनके विरुद्ध पुलिस कार्रवाई प्रस्तावित कर दी। बताया तो यहां तक जाता है कि इस विवादित ई-पास मामले में प्रचलित फ ाइल ही कलेक्ट्रेट से खुर्द कर दी गई है। ई-पास जारीकर्ता अधिकारी के तौर पर डिप्टी कलेक्टर अंकुर गुप्ता के हस्ताक्षर हैं ऐसे में महज 3 लिपिकों के विरुद्ध निलंबनात्मक कारवाही पर्याप्त नहीं कही जा सकती। जांच के घेरे में आला अधिकारी भी आ रहे हैं क्योंकि लिपिक कोई साइनिंग अथॉरिटी नहीं होते।