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Saturday, April 25, 2020

लॉक डाउन मदद ग्रुप ने एक लाख रु की 150 पीपीई किट चिकित्सको के लिए कलेक्टर को सौपी

-ग्रुप ने चार हजार से अधिक राशन किट भी वितरित कर कीर्तिमान स्थापित किया- 
करैरा (शिवपुरी)। कोरोना महामारी को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के दौरान स्थापित लॉक डाउन ग्रुप द्वारा जिला कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी को एक लाख रु कीमत की पी पी ई किट भेट कर कोरोना फाइटर के रूप में कार्य कर रहे चिकित्सको के लिए मदद की है। जिसमे से करैरा बीएमओ को 20 पीपीई किट प्रदान की गई है। पी पी ई किट भेट करने वालो में लॉक डाउन ग्रुप की ओर से करैरा तहसीलदार जी एस वैरवा, शिक्षक धर्मेन्द्र जैन, डॉ बृजमोहन अग्रवाल, राजीव सिकरवार, संतोष शर्मा, सुल्तानवेग मिर्जा सहित अन्य लोग मौजूद थे। यह लॉक डाउन ग्रुप करैरा नगर परिषद क्षेत्र में "कोई भूखा न रहे, कोई परेशान न हो" इस लिए जनता का सहयोग , जनता के द्वारा , जनता के लिए की अवधारणा  को लेकर प्रशासनिक अधिकारियो , जनप्रतिनिधियों , सामाजिक संगठनों व्यापारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के संयुक्त समन्वय से लॉक डाउन मदद समूह का गठन कर जरूरतमंद लोगों की मदद का प्रयास किया गया। इस समूह का शुरुआती स्वरूप भले ही छोटा था, लेकिन धीरे धीरे लोगो ने आगे आकर मदद में सहयोग किया और समूह की पहुच एक और ज्यादा सेवाओ तक पहुची। लॉक डाऊन आरंभ होने से लेकर अब तक इस समूह ने  4200 से अधिक राशन सामग्री के पैकेट , 281 मरीजो की दवाइयां उन तक पहुचाई। यहां तक कि आज 150 पी पी ई किट भी चिकित्सको के लिए कलेक्टर शिवपुरी को भेंट की। ताकि कोरोना के खिलाफ जंग में हमारे चिकित्सको की सुरक्षा में भी मदद हो सके। मदद समूह का लक्ष्य है कि जब तक लॉक डाउन चलेगा तब तक जरूरतमंद लोगों को राशन उपलब्ध कराते रहेंगे।
लॉक डाउन की घोषणा के साथ जैसे ही रोजमर्रा काम कर जीवन यापन करने बाले लोगो के सामने भोजन का संकट आया तो नगर के समाजसेवी संगठनों के प्रशासन के पास मदद करने के लिए प्रस्ताव आए, जिस पर 28 मार्च की सुबह ही वाट्सएप्प पर लॉक डाउन मदद समूह बनाया गया और इच्छुक सहयोगियों से मदद के लिए आगे आने का संदेश दिया गया। शाम को ही रेस्ट हाउस में छोटी मीटिंग कर समूह की निगरानी और व्यय समिति बनाकर शाम को ही हरदौल मोहल्ले के 50 घरों में राशन किट पहुचाई गई। इसके बाद यह प्रक्रिया नगर पंचायत के सभी 15 वार्डो में शुरू की गई। हर वार्ड में जरूरतमंदो की पहचान करने और उन तक राशन पहुचाने के लिए वालंटियर्स भी तैनात किए, जो पूरी तंलीनता से काम कर रहे है। समूह को साढ़े 74 कुंटल आटा और एक कुंटल 23 किलो दाल सहयोग के रूप में मिली थी। समूह ने 12 कुंटल आटा और 3 कुंटल 35 किलो दाल नगद मिली सहयोग राशि से क्रय की है। समूह ने एक लाख की राशि की पीपीई किट क्रय कर कलेक्टर के माध्यम से जिला चिकित्सालय के लिए प्रदान की है। समूह के पास राशन पैकिट वितरण के लिए अभी 33 हजार 843 रु की राशि नगद है। समूह अभी भी 150 घरों में एक दिन के अंतराल से राशन पैकिट उपलब्ध करा रहा है ।
खाने के पैकिट भी किए वितरित:-
लॉक डाउन समूह को गायत्री एंड संस सलैया द्वारा बने हुए भोजन के पैकिट की सहायता की गई थी, जो 1 अप्रैल से 14 अप्रैल तक की गई। इसमे समूह ने नित्य 150 लांच पैकिट जरूरतमंदों तक पहुचाए।
मरीजो को झांसी, ग्वालियर से मंगाई जा रही दवाए:-
लॉक डाउन मदद समूह ने केवल राशन खाने की ही मदद नही की अपितु उन मरीजो की भी इस लॉक डाउन में मदद की जिनका उपचार झांसी या ग्वालियर चल रहा था और परिस्थितिवश वह दवाई लेने नही जा पा रहे थे। ऐसे सभी मरीजो की दवाइयां मंगा कर भी उनकी मदद की। समूह अब तक झांसी से 177 और ग्वालियर से 104 मरीजो की दवाइयां मंगवा चुका है। इसमे 10 मरीज ऐसे थे जिनका उपचार ग्वालियर के मानसिक चिकित्सालय में चल रहा था और उनकी माली हालत ठीक नही है।
बेजुबान पशु जानवरो की भी की सेवा:-
मानवता सेवा के साथ ही समूह उन बेजुबान पशु और जानबरो की भी सेवा का काम करने में पीछे नही रहा, अमोला घाटी में बंदरों के लिए खाद्यान्न और नगर परिषद क्षेत्र में आवारा गौवंश के लिए हरे चारे का प्रबंध भी समूह द्वारा रोजाना किया जा रहा है, ताकि इस आपात कालीन समय मे यह जानवर भी भूख से दम न तोड़े।
नगर के लोगो ने इस महामारी के अवसर पर प्रशासन व समाजसेवियों द्वारा बनाये गए लॉक डाउन ग्रुप द्वारा किये जा रहे कार्यो की प्रशंसा कर सहयोगियों को धन्यवाद ब्यक्त किया है।