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Friday, March 20, 2020

बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद "चंबल" के इस इलाके में मुर्गी-अंडे की बिक्री, सेवन और परिवहन पर प्रतिबंध

भिंड-अंचल। मेहगांव में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद कलेक्टर छोटे सिंह ने जिले की सीमा में मुर्गे-मुर्गी, अंडे और इनसे बने उत्पादों की बिक्री, सेवन और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां बता दें, मेहगांव में रविवार को 200 से ज्यादा मुर्गे-मुर्गियां मरी मिली थीं। पशु चिकित्सकों ने पीएम के बाद मुर्गे को जांच के लिए भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजा था। वहां से बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी गुरुवार को भारत सरकार ने भी ली है।
मेहगांव में मुर्गे-मुर्गियों की कलिंग की कार्रवाई शुरू:-
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा डॉ. नवल सिंह सिकरवार ने बर्ड फ्लू को रोकने के लिए भारत सरकार के एक्शन प्लान 2015 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मेहगांव में दोपहर बाद डॉ. प्रिया शुक्ला, डॉ. एसएस चौहान के नेतृत्व में पशु चिकित्सा विभाग की टीम सहित नगरपालिका और प्रशासन की टीम ने रविवार को जिस जगह पर मुर्गे-मुर्गी मरे मिले थे, वहां से 1 किमी के इलाके में कलिंग (मुर्गे-मुर्गियों को मारने की प्रक्रिया) की कार्रवाई की। इस दौरान पालतू पक्षियों को भी परिवार से अलग करने के लिए कहा गया है। टीम ने अंडा बिक्री और सेवन करने से भी लोगों को रोका।
कलेक्टर के बंगले के परिसर में मरे कौए:-
भिंड में बीटीआई परिसर में 3 दिन पहले अज्ञात बीमारी से 50 से ज्यादा कौओं की मौत हो गई थी। गुरुवार को फिर से कौओं के मरने का सिलसिला शुरू हो गया। गुरुवार को बीटीआई परिसर में 5 कौओं की मौत हुई। इसके अलावा कलेक्टर छोटे सिंह के बंगला परिसर में भी कौओं की मौत हुई है। ऑफिसर कॉलोनी में कौओं की मौत की खबर है। उप संचालक डॉ. नवल सिंह सिकरवार ने बताया कि कौओं को रेफ्रिजरेटर में रखवाया गया है। इन कौओं का शुक्रवार को भोपाल से आ रही टीम के साथ मिलकर पीएम करेंगे। इसके बाद इन्हें भी जांच के लिए भोपाल के उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजा जाएगा।
देश में पहली बार 2006 में फैला बर्ड फ्लू:-
डॉ. नवल सिंह सिकरवार ने बताया देश में पहली बार साल 2006 में बर्ड फ्लू फैला था। 18 फरवरी 2006 को बर्ड फ्लू एच-5 एन-1 वायरस को नोटिफाई किया गया था। 2006 में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, मणीपुर, बंगाल, त्रिपुरा, उड़ीसा, आसाम, सिक्किम, कर्नाटक, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल और चंदीगढ़ में बर्ड फ्लू फैला था। दूसरी बार साल 2014 में ग्वालियर के चिड़ियाघर में पक्षियों के मरने पर बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। अब तीसरी बार भिंड के मेहगांव में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। यह वायरस पक्षियों और इंसानों के लिए घातक है। हालांकि इसका इलाज संभव है।
इनका कहना है
मेहगांव में बर्ड फ्लू वायरस से मुर्गे-मुर्गियों की मौत हुई है। पूरे जिले में मुर्गे-मुर्गी, अंडे और इनके उत्पादों की बिक्री, सेवन और परिवहन पर रोक लगाई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छोटे सिंह, कलेक्टर, भिंड