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Wednesday, February 26, 2020

खनियाधाना में जमकर संचालित हो रहा अवैध खदानों से अवैध खनन रेंज और थाने के सामने से दिन प्रतिदिन निकलते वाहन

खनियाधाना (शिवपुरी)। खनियाधाना क्षेत्र में  पत्थर खदानों से भारी मात्रा में अवैध खनन किया जा रहा है। पिछले दिनों वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान यह खुलासा हुआ है। खनियाधाना क्षेत्र में गताझलकोई, चिकननिया,सांठिया, चमरऊ, गुडर घाटी, मैं बड़ी मात्रा में अवैध खदानें संचालित हो रही है !!
अवैध खनन के लिए कुख्यात रहा गुडर घाटी, जैरा घाटी, घाटी ऊपर, एक बार फिर अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में  दर्जन भर से ज्यादा अवैध खदानें संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन पांच से 8 ट्रक अवैध पटिया-पत्थर वैध पिटपास के सहारे बाहर निकल रहा है!!

जो कि अवैध खनन की जद में है। यहां के स्थानीय लोगों द्वारा मनमानी तरीके से राजस्व और वन भूमि में खदानें प्रारंभ की जा चकी हैं। यहां पूरे दिन पटिया तोडऩे का काम चलता है। रात को इन अवैध स्थलों से वैध खदानों तक पहुंचा दिया जाता है।
अवैध खनन के इस कारोबार में बड़ा खेल हो रहा है। संचालित खदानों में अवैध खनन और पटिया तैयार करने में जुटे लोगों और कारीगरों को प्रति पटिया के हिसाब से अवैध खदान संचालक 30 रुपए देता है। इसके बाद इसे बेचा जाता है!
वनकर्मियों की मिलीभगत:-
पूरे खेल में वन अमला भी बराबर का साझीदार है। बताया गया है कि कई खदाने तो वन क्षेत्र में हैं लेकिन राजस्व भूमि में संचालित होने वाली अवैध खदानों से ट्रैक्टर ट्राली में पटिया निकाल कर वन क्षेत्र से होकर वैध खदान तक पहुंचते हैं। लेकिन वन अमला इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। इसके एवज में खदान संचालकों द्वारा इन्हें मोटी रकम दी जाती है।
अवैध खनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकारियों की चौखट नापता है। लेकिन नतीजा सिफर। खनन माफियों के आगे प्रशासनिक अधिकारी बेबस साबित हो रहे हैं। खनन माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना चीर रहे हैं। क्षेत्र में रात में ट्रैक्टर-ट्रॉली खनन कर के फर्राटा भर्ती नजर आ रही है। क्षेत्र की इलाकाई पुलिस व प्रशासनिक अमला पूरे मामले में चुप्पी साधे नजर आता हैं, जो कई सवाल खड़े कर रहा है। जिला प्रशासन दबंग खनन माफियाओं के आगे बेबस हो चुका है।
खदान वालों के पास विस्फोटक के लाइसेंस नहीं है:- 
पत्थर खदानों में ज्यादातर अवैध तरीके से हासिल विस्फोटक का ही उपयोग किया जाता है। आश्चर्य की बात है कि जिले में अवैध विस्फोटक की सप्लाई करने वाले कारोबारी दिन के उजाले में ही विस्फोटक की सप्लाई करते हैं। विस्फोटक इस्तेमाल के रिकॉर्ड की नियमित जांच नहीं होती है।

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