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Friday, February 21, 2020

सिंधिया स्टेट काल के प्राचीन भूरा-खो शिव मंदिर पर वन कर्मियों ने पूजा करने से भक्तों को रोका, भक्तों में नाराजगी

शिवपुरी। शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित प्राचीन भूरा-खो शिव मंदिर पर शुक्रवार को महाशिवरात्रि के मौके पर यहां शिव मंदिर में शिवभक्तों को पूजा-अर्चना करने से रोका गया। वन विभाग द्वारा राष्ट्रीय उद्यान की सीमा का बहाना बनाकर शिवभक्तों को यहां पूजा अर्चना नहीं करने दी गई। वन विभाग के स्टाफ द्वारा यहां शिवभक्तों से प्रवेश अनुज्ञा पत्र रसीद कटवाने के बाद ही मंदिर पर जाने की बात कही गई। माधव राष्ट्रीय उद्यान के भूरा खो पर तैनात वन विभाग के स्टाफ द्वारा बताया गया कि मंदिर पर पूजा अर्चना करने के लिए वही लोग अंदर जा सकते हैं जो प्रवेश अनुज्ञा पत्र रसीद कटवाएगा। शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पूजा अर्चना के लिए आए थे लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। कारण यह रहा कि इस मंदिर तक अंदर जाने के लिए माधव राष्ट्रीय उद्यान के नियम अनुसार प्रवेश अनुज्ञा पत्र 100 से लेकर 600 रुपए तक का कटवाना पड़ता है तब उन्हें अंदर प्रवेश दिया जाने की बात वन विभाग के स्टाफ ने कही। गौरतलब है कि भूरा खो स्थित प्राचीन शिव मंदिर सिंधिया स्टेट काल से ही प्रसिद्ध मंदिर है और यहां पर कई वर्षों से लोग अपनी आस्था के चलते पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इस मंदिर के पुजारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि उनके दादा ने यहां पर 35 वर्षों तक पूजा की लेकिन महाशिवरात्रि के दौरान उन्हें यहां पूजा अर्चना करने नहीं दी गई और रसीद कटवाने की बात कही। उन्होंने माधव राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और जिला प्रशासन से मांग की कि इस प्राचीन शिव मंदिर को देखते हुए महाशिवरात्रि और प्रति सोमवार को शिवभक्तों को निशुल्क प्रवेश की इजाजत दी जानी चाहिए। इसी तरह यहां पूजा अर्चना के लिए आए एक शिवभक्त सुनील त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें 100 रुपए की रसीद कटवाने के बाद यहां मंदिर तक आने की अनुमति दी गई। वहीं शिवपुरी से एक शर्मा परिवार चार पहिया वाहन से जब यहां आया तो पूरे परिवार को 600 रुपए की रसीद कटवानी पड़ी तब उन्हें पूजा करने के लिए अंदर जाने दिया गया। महाशिवरात्रि के मौके पर राष्ट्रीय उद्यान के कर्मचारियों की मनमानी को लेकर शिवभक्तों में आक्रोश देखा गया। इससे पहले झांसी रोड पर स्थित सुरवाया के पास प्रसिद्ध बलारपुर माता मंदिर पर भी जबरन रसीद काटे जाने को लेकर भक्तों में आक्रोश देखा गया था। जहां पर भी प्रति सप्तमी के दिन बलारपुर माता भक्तों को रोका जाता है। यहां मंदिर पर जाने से रोक-टोक को लेकर तो बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर ज्ञापन दे चुके हैं। कुल मिलाकर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लोगों की आस्था पर नियमों की पाबंदी लगा रहे हैं।